# साल की सबसे बड़ी एकादशी आज: भद्रा योग के बीच जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व

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- Published: 2026-06-24T20:08:21+00:00
- Author: varunm725@gmail.com

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन वर्ष की कुछ एकादशियां
ऐसी होती हैं जिन्हें अत्यंत पुण्यदायी और फलदायी माना जाता है। आज मनाई जा रही एकादशी
को भी धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बार एकादशी पर भद्रा योग
का प्रभाव रहने के कारण श्रद्धालुओं के मन में पूजा और व्रत के सही समय को लेकर उत्सुकता
बनी हुई है।

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, भद्रा काल के कारण कुछ समय तक शुभ कार्यों से बचने की 
सलाह दी जाती है। ऐसे में भक्तों के लिए पूजा-पाठ और भगवान विष्णु की आराधना का विशेष
मुहूर्त निर्धारित किया गया है। मान्यता है कि इस शुभ समय में की गई पूजा से व्रत का
पूर्ण फल प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

## एकादशी व्रत का धार्मिक महत्व

सनातन परंपरा में एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस
दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है तथा मोक्ष
की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। धार्मिक ग्रंथों में एकादशी को सभी व्रतों में
श्रेष्ठ बताया गया है।

भक्त इस दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और तुलसी जी की पूजा करते हैं। 
साथ ही विष्णु सहस्रनाम, गीता पाठ और हरिनाम संकीर्तन का विशेष महत्व माना गया है।

## पूजा के दौरान रखें इन बातों का ध्यान

 * सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
 * भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल और पंचामृत अर्पित करें।
 * दीपक जलाकर विष्णु मंत्रों का जाप करें।
 * सात्विक भोजन ग्रहण करें और क्रोध, विवाद तथा नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
 * जरूरतमंदों को दान-पुण्य अवश्य करें।

## भद्रा योग में क्या करें और क्या नहीं

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भद्रा काल में मांगलिक कार्यों को टालना उचित माना जाता 
है। हालांकि भगवान की भक्ति, जप, ध्यान और व्रत संबंधी धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं।
इसलिए श्रद्धालु निर्धारित शुभ मुहूर्त में पूजा कर भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त
कर सकते हैं।

## व्रत से मिलने वाले लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी व्रत रखने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और
आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। कहा जाता है कि नियमित रूप से एकादशी का व्रत करने
वाले व्यक्ति पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती है।

## निष्कर्ष

साल की सबसे बड़ी एकादशी का यह पावन अवसर श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। 
यदि आप भी आज व्रत और पूजा कर रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त में भगवान विष्णु की आराधना 
करें और धर्म, संयम तथा सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। मान्यता है कि सच्ची 
श्रद्धा और भक्ति से किया गया पूजन जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आता है।
