माफी मांग लेंगे तो सावरकर और भगत सिंह में फर्क क्या रह जाएगा?” – JNU में कन्हैया कुमार का बयान
JNU में कार्यक्रम के दौरान कन्हैया कुमार ने सावरकर और भगत सिंह को लेकर दिया बयान, कहा – “माफी मांग लेंगे तो दोनों में फर्क क्या रह जाएगा?” बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज।
कन्हैया कुमार एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। राजधानी नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा,
“अगर माफी मांग लेंगे तो सावरकर और भगत सिंह में फर्क क्या रह जाएगा?”
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।
🗣️ क्या था पूरा संदर्भ?
कार्यक्रम के दौरान कन्हैया कुमार ने स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और क्रांतिकारियों की भूमिका पर चर्चा करते हुए यह टिप्पणी की। उनका इशारा था कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अलग-अलग नेताओं और क्रांतिकारियों की विचारधाराएं और रास्ते अलग थे।
उन्होंने कहा कि इतिहास को समझते समय तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखना चाहिए।
🔥 राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस बयान के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी। कुछ ने इसे ऐतिहासिक बहस बताया, तो कुछ ने इसे विवादित और अनुचित करार दिया।
भगत सिंह और विनायक दामोदर सावरकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख व्यक्तित्व रहे हैं, जिनकी विचारधाराओं और भूमिकाओं को लेकर समय-समय पर राजनीतिक विमर्श होता रहा है।
🎓 JNU में पहले भी रहे हैं चर्चित
गौरतलब है कि कन्हैया कुमार पहले भी JNU छात्र राजनीति के दौरान अपने बयानों और गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। उनका यह ताजा बयान भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

