रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस हादसे का शिकार, सात लोगों की दर्दनाक मौत, जांच शुरू
रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुई एक एयर एंबुलेंस उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही भीषण हादसे का शिकार हो गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गया, लेकिन तब तक विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान ने रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी और उसे दिल्ली पहुंचना था। बताया जा रहा है कि टेकऑफ के कुछ समय बाद तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि हादसे के सही कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा।
विमान में एक मरीज, उसके परिजन, डॉक्टरों की टीम और क्रू सदस्य सवार थे। सभी की मौके पर ही मौत हो गई। इस खबर के सामने आते ही परिजनों में मातम छा गया है।
हादसे की जांच अब Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) को सौंपी गई है। विशेषज्ञों की टीम ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच करेगी ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी तथा दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर एयर एंबुलेंस सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पूरे मामले पर देशभर की नजरें टिकी हैं और सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
विमान में कौन-कौन था सवार?
जानकारी के अनुसार, विमान में एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था। उसके साथ दो परिजन, दो डॉक्टर, एक पैरामेडिकल स्टाफ और दो पायलट सवार थे। दुर्भाग्यवश कोई भी इस हादसे में जीवित नहीं बच सका।
तकनीकी खराबी या मौसम बना कारण?
प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि विमान में तकनीकी खराबी आई हो सकती है। हालांकि कुछ सूत्रों का कहना है कि मौसम की स्थिति भी पूरी तरह अनुकूल नहीं थी। फिलहाल दुर्घटना के सटीक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
AAIB करेगी जांच
इस मामले की जांच अब Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) को सौंप दी गई है। जांच एजेंसी की टीम दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और ब्लैक बॉक्स, फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर तथा कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की जांच करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लैक बॉक्स से दुर्घटना के अंतिम पलों की महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
सरकार ने जताया शोक
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एयर एंबुलेंस सेवाओं पर उठे सवाल
यह हादसा देश में संचालित एयर एंबुलेंस सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल इमरजेंसी में उड़ान भरने वाले विमानों की नियमित और कड़ी तकनीकी जांच अत्यंत आवश्यक है।
फिलहाल पूरे देश की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। हादसे की सच्चाई सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह दुर्घटना तकनीकी कारणों से हुई या फिर किसी मानवीय त्रुटि का परिणाम थी।

